छोटा जवाब
अवलोकन-आधारित अध्ययन भूमध्यसागरीय शैली और MIND डाइट को डिमेंशिया के कम जोखिम से जोड़ते हैं, पर हर बार नहीं। 2023 में छपे MIND डाइट के तीन साल के एक रैंडमाइज़्ड ट्रायल में कंट्रोल डाइट की तुलना में सोचने-समझने या ब्रेन स्कैन में कोई उल्लेखनीय फ़र्क़ नहीं मिला। कोई खाना या सप्लीमेंट डिमेंशिया को रोकता साबित नहीं हुआ है। जो लोग डिमेंशिया के साथ जी रहे हैं, उनके लिए पर्याप्त खाना-पीना सबसे ज़्यादा मायने रखता है।
- जो अध्ययन लोगों को समय के साथ देखते हैं, उनमें से कुछ, पर सब नहीं, भूमध्यसागरीय और MIND खान-पान को डिमेंशिया के कम जोखिम से जोड़ते हैं।
- 604 बुज़ुर्गों के 2023 के एक ट्रायल में, तीन साल बाद MIND डाइट वाले लोगों ने सोचने-समझने के टेस्ट या ब्रेन स्कैन में कंट्रोल डाइट वाले लोगों से बेहतर प्रदर्शन नहीं किया।
- National Institute on Aging कहता है कि इसका कोई सबूत नहीं है कि किसी ख़ास खाने को खाने या न खाने से अल्ज़ाइमर रोका जा सकता है, और कोई विटामिन या सप्लीमेंट इसे रोकता साबित नहीं हुआ है।
- सब्ज़ियों, फलों, फलियों/दालों, साबुत अनाज और मछली से भरपूर खान-पान दिल की सेहत में मदद करता है और हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज़ जैसे जोखिमों में मदद कर सकता है।
- डिमेंशिया के साथ जी रहे लोगों के लिए, हाथ से खाने लायक़ टुकड़े, अलग रंग की थाली, शांत भोजन का समय और नियमित पीने की चीज़ें अक्सर किसी ख़ास डाइट से ज़्यादा मायने रखती हैं।
इस पेज पर (7 हिस्से)
आपने शायद पढ़ा होगा कि “दिमाग़ के लिए अच्छी” डाइट अल्ज़ाइमर को दूर रख सकती है। असल तस्वीर ज़्यादा मामूली है। कुछ खान-पान के तरीक़े उन अध्ययनों में कम जोखिम से जुड़े हैं जो लोगों को समय के साथ देखते हैं, पर अब तक के सबसे अच्छे ट्रायल को कोई साफ़ फ़ायदा नहीं मिला। यह पेज दोनों बातें समझाता है, और फिर उस पर आता है जो पहले से डिमेंशिया के साथ जी रहे व्यक्ति के लिए आमतौर पर सबसे ज़्यादा मायने रखता है: पर्याप्त खाना-पीना, और उसका आनंद लेना।
यह सामान्य जानकारी है, चिकित्सा सलाह नहीं। अपनी या किसी और की डाइट बदलने से पहले डॉक्टर या रजिस्टर्ड डाइटीशियन से बात करें। हमारा चिकित्सकीय अस्वीकरण देखें।
भूमध्यसागरीय और MIND डाइट क्या हैं?
अमेरिका का National Institute on Aging (NIA) उन्हें इस तरह बताता है (डाइट और अल्ज़ाइमर पर NIA):
- भूमध्यसागरीय डाइट: ढेर सारे फल, सब्ज़ियाँ, साबुत अनाज, फलियाँ/दालें, मछली और समुद्री भोजन, और ज़ैतून का तेल, जबकि लाल मांस, अंडे और मिठाइयाँ कम मात्रा में।
- MIND डाइट (Mediterranean–DASH Intervention for Neurodegenerative Delay): भूमध्यसागरीय डाइट और ब्लड प्रेशर के लिए बनी DASH डाइट का मेल। इसमें सब्ज़ियाँ, ख़ासकर हरी पत्तेदार; बेरियाँ; साबुत अनाज; फलियाँ/दालें; मेवे; हफ़्ते में कम से कम एक बार मछली; और ज़ैतून का तेल शामिल हैं। यह लाल मांस, मिठाइयाँ, पनीर, मक्खन या मार्जरीन, और तला या फ़ास्ट फ़ूड सीमित रखती है।
क्या ये डाइट डिमेंशिया का जोखिम घटाती हैं?
सबूत मिले-जुले हैं। NIA कहता है कि कुछ, पर सभी नहीं, अवलोकन-आधारित अध्ययनों ने भूमध्यसागरीय और MIND डाइट को पश्चिमी शैली की डाइट, जिसमें लाल मांस, संतृप्त वसा और चीनी ज़्यादा होती है, की तुलना में डिमेंशिया के कम जोखिम से जोड़ा है।
2024 की Lancet Commission ने शोध की ज़्यादा विस्तार से समीक्षा की (Lancet Commission):
- समूह-अध्ययनों की एक समीक्षा ने उच्च गुणवत्ता वाले खान-पान को डिमेंशिया के लगभग 20% कम जोखिम से जोड़ा।
- तीन समूहों के एक बड़े विश्लेषण ने MIND डाइट का ज़्यादा क़रीब से पालन करने को कम जोखिम से जोड़ा।
- पर स्वीडन के एक अध्ययन में, जिसने 28,025 अधेड़ उम्र के लोगों को लगभग 20 साल तक देखा, सुझाई गई डाइट या भूमध्यसागरीय शैली की डाइट, किसी के साथ भी कम जोखिम नहीं मिला।
अवलोकन-आधारित अध्ययन कारण-परिणाम साबित नहीं कर सकते। इस तरह खाने वाले लोग अक्सर दूसरे मामलों में भी अलग होते हैं, जैसे आमदनी, शिक्षा, कसरत और स्वास्थ्य सेवा तक पहुँच। Commission इस नतीजे पर पहुँची कि यह कहने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं हैं कि सेहतमंद डाइट सीधे डिमेंशिया को रोकती हैं, हालाँकि ख़ूब फल और सब्ज़ियाँ खाना और कम अल्ट्रा-प्रोसेस्ड खाना खाना कई स्वास्थ्य स्थितियों के लिए अच्छा है और मोटापा, डायबिटीज़ और हाई ब्लड प्रेशर जैसे जोखिम कारकों पर असर डालता है। उसने खान-पान को अपने 14 जोखिम कारकों की सूची में नहीं जोड़ा।
2023 के MIND डाइट ट्रायल ने क्या पाया?
अब तक की सबसे मज़बूत परीक्षा 2023 में New England Journal of Medicine में छपा एक रैंडमाइज़्ड ट्रायल थी (MIND डाइट ट्रायल):
- कौन: शिकागो और बोस्टन इलाक़ों के 65 और उससे ज़्यादा उम्र के 604 वयस्क, जिन्हें सोचने-समझने की कोई दिक़्क़त नहीं थी, जिनके किसी क़रीबी रिश्तेदार को डिमेंशिया था, जिनका वज़न ज़्यादा था, और जिनका शुरुआती खान-पान कम सेहतमंद था।
- क्या: तीन साल तक, आधे लोगों ने MIND डाइट अपनाई और आधे ने अपना आम खान-पान। दोनों समूहों से रोज़ लगभग 250 कैलोरी कम खाने को कहा गया और उन्हें रजिस्टर्ड डाइटीशियन से नियमित कोचिंग मिली।
- नतीजा: सोचने-समझने के टेस्ट के नतीजे दोनों समूहों में थोड़े सुधरे। समूहों के बीच का फ़र्क़ छोटा था और सांख्यिकीय रूप से उल्लेखनीय नहीं। ब्रेन स्कैन में भी दोनों समूहों में एक जैसे बदलाव दिखे।
- वज़न: दोनों समूहों का वज़न लगभग 5 किलोग्राम (क़रीब 11 पाउंड) घटा।
ट्रायल को कोई फ़र्क़ क्यों नहीं मिला होगा?
शोधकर्ताओं ने कई कारण सुझाए। कंट्रोल समूह ने भी शायद अपना खान-पान सुधारा, क्योंकि उसका वज़न भी उतना ही घटा। बार-बार टेस्ट देने से नतीजे अपने आप सुधर सकते हैं, क्योंकि लोग टेस्ट के आदी हो जाते हैं। तीन साल शायद बहुत कम हों। ज़्यादातर प्रतिभागी अच्छे पढ़े-लिखे और यूरोपीय मूल के थे, इसलिए नतीजे सब पर लागू न हों।
तो ईमानदार सार यह है: तीन साल में MIND डाइट कैलोरी घटाने वाली एक समझदार डाइट से बेहतर साबित नहीं हुई। इसका मतलब यह नहीं कि सेहतमंद खाना बेकार है। इसका मतलब है कि किसी को यह उम्मीद नहीं रखनी चाहिए कि कोई ख़ास डाइट डिमेंशिया को रोकेगी।
ख़ास खानों और सप्लीमेंट के बारे में क्या?
NIA कहता है कि इसका कोई सबूत नहीं है कि किसी ख़ास खाने को खाने या न खाने से अल्ज़ाइमर या उम्र से जुड़ी सोचने-समझने की गिरावट रोकी जा सकती है। ब्लूबेरी, पत्तेदार सब्ज़ियों और हल्दी पर अध्ययन हुए हैं, पर कोई सबूत नहीं मिला। NIA यह भी कहता है कि किसी विटामिन या सप्लीमेंट के अल्ज़ाइमर रोकने की बात साबित नहीं हुई है, और इस मक़सद के लिए किसी की सिफ़ारिश नहीं की जाती। NIA चेताता है कि अल्ज़ाइमर रोकने के लिए बेचे जाने वाले बिना जाँचे उत्पाद असुरक्षित हो सकते हैं, पैसे की बर्बादी हो सकते हैं, या दोनों, और डॉक्टरी दवाओं में दख़ल दे सकते हैं, इसलिए कोई भी आज़माने से पहले डॉक्टर से पूछें (अल्ज़ाइमर की रोकथाम पर NIA)।
खाना सेहतमंद और आनंददायक कैसे रहे?
ज़्यादातर बुज़ुर्गों के लिए लक्ष्य ऐसा खाना है जो पौष्टिक, जाना-पहचाना और सुखद हो, कोई सख़्त योजना नहीं:
- भोजन उन चीज़ों के आसपास बनाएँ जो आपको पसंद हैं, भूमध्यसागरीय तरीक़े से: सब्ज़ियाँ, फल, फलियाँ/दालें, साबुत अनाज, मछली और ज़ैतून का तेल।
- पसंदीदा मीठा/नाश्ता रखें। आनंद और भूख मायने रखते हैं, ख़ासकर जीवन के बाद के हिस्से में।
- जब हो सके, दूसरों के साथ खाएँ। साथ बैठकर खाना अच्छा साथ है।
- साथ मिलकर पकाएँ। सब्ज़ियाँ धोना या पतीला चलाना एक अच्छी साझा गतिविधि है; घर के काम देखें। परिवार की कोई पसंदीदा रेसिपी पुरानी यादों को भी जगा सकती है।
बुज़ुर्गों को डॉक्टर से बात किए बिना कैलोरी नहीं घटानी चाहिए या वज़न नहीं घटाना चाहिए, और उपवास में अतिरिक्त जोखिम हैं। हमारी उपवास गाइड देखें।
डिमेंशिया वाले व्यक्ति को अच्छा खाने में कैसे मदद करें?
डिमेंशिया के साथ जी रहे लोगों के लिए पर्याप्त खाना-पीना आमतौर पर मुख्य चिंता होती है। Alzheimer’s Association बताती है कि लोग खाना भूल सकते हैं, सोच सकते हैं कि वे खा चुके हैं, या विकल्पों से घबरा सकते हैं, और कमज़ोर पोषण व्यवहार के लक्षण बढ़ा सकता है और वज़न घटा सकता है (खाने-पीने पर Alzheimer’s Association)। ये सुझाव Alzheimer’s Association, NIA और Alzheimer’s Society (ब्रिटेन की डिमेंशिया संस्था) से आते हैं:
- हाथ से खाने लायक़ टुकड़े दें। निवाले के आकार के टुकड़े जो आसानी से उठाए जा सकें, जैसे सैंडविच के टुकड़े, पनीर के टुकड़े, छोटी रोटी या पराठे के टुकड़े, संतरे की फाँकें या उबली ब्रोकली, व्यक्ति को चम्मच-काँटे के बिना ख़ुद खाने देते हैं।
- मेज़ पर रंगों का फ़र्क़ रखें। नज़र में बदलाव से खाने और थाली में फ़र्क़ करना मुश्किल हो सकता है। अलग रंग की मैट पर सफ़ेद थाली या कटोरी मदद कर सकती है। नक़्शेदार बर्तनों और मेज़पोश से बचें।
- एक बार में एक या दो चीज़ें परोसें। भरी थाली घबराहट पैदा कर सकती है।
- भोजन का समय शांत रखें। टीवी बंद करें, मेज़ सादी रखें, और भरपूर समय दें। NIA जल्दबाज़ी या ज़बरदस्ती न करने का सुझाव देता है।
- थोड़ा-थोड़ा खाना और नाश्ता बार-बार दें। अगर व्यक्ति पर्याप्त नहीं खा रहा, तो NIA छोटे, ज़्यादा बार के भोजन और ज़्यादा कैलोरी वाले नाश्ते का सुझाव देता है (खाने पर NIA के सुझाव)।
- पीने में मदद करें। दिन भर पानी या दूसरे पेय के छोटे कप दें, साथ में ऐसे खाने जिनमें पानी ज़्यादा हो, जैसे फल, सूप, लस्सी, मिल्कशेक और स्मूदी। अगर व्यक्ति पानी नहीं पीना चाहता, तो NIA जूस, स्वाद वाला पानी, शोरबा, दूध, या बिना कैफ़ीन की कॉफ़ी या चाय आज़माने का सुझाव देता है।
- तापमान जाँचें। हो सकता है व्यक्ति को पता न चले कि खाना या पेय बहुत गर्म है।
- बर्तन और कप अपने हिसाब से बदलें। प्लेट की जगह कटोरे, बड़े हैंडल वाले चम्मच और ढक्कन वाले कप खाना आसान कर सकते हैं। सफ़ाई की चिंता न करें।
- खाना चबाने और निगलने में आसान बनाएँ। खाने को छोटे टुकड़ों में काटें या मुलायम खाने दें। अगर व्यक्ति खाते समय खाँसे या उसका गला रुँधे, तो उनके डॉक्टर को बताएँ।
- ज़बरदस्ती खिलाने से बचें। NIA बताता है कि अल्ज़ाइमर की बाद की अवस्थाओं में भूख स्वाभाविक रूप से घटती है।
डॉक्टर को किन संकेतों के बारे में बताएँ
वज़न घटना, खाने से इनकार, थकान या कमज़ोरी इस बात के संकेत हो सकते हैं कि व्यक्ति पर्याप्त नहीं खा रहा। Alzheimer’s Society बताती है कि दाँतों या नक़ली दाँतों का दर्द, अवसाद, कब्ज़ और दवाओं में बदलाव, सब भूख घटा सकते हैं (भूख पर Alzheimer’s Society)। NIA के गिनाए पानी की कमी के संकेतों में मुँह सूखना, चक्कर आना, तेज़ धड़कन और मतिभ्रम शामिल हैं (आम चिकित्सकीय समस्याओं पर NIA)।
डॉक्टर से बात करें
अपनी या किसी और की डाइट में बड़े बदलाव करने से पहले डॉक्टर या रजिस्टर्ड डाइटीशियन से बात करें, ख़ासकर अगर आपको डायबिटीज़, गुर्दे की बीमारी, निगलने की दिक़्क़तें या हाल में वज़न घटना हो। डिमेंशिया के साथ जी रहे किसी व्यक्ति के लिए पूछें कि रोज़ कितना खाना-पीना लक्ष्य रखना चाहिए, और क्या डाइटीशियन या सप्लीमेंट मदद कर सकते हैं।
अगर कोई व्यक्ति दम घुटने जैसी हालत में हो, या अचानक भ्रम, तेज़ चक्कर या बेहोशी हो, तो तुरंत मदद लें: अपने आपातकालीन नंबर पर कॉल करें (भारत में 112)।
आम सवाल
क्या MIND डाइट डिमेंशिया को रोकती है?
यह साबित नहीं हुआ है। अवलोकन-आधारित अध्ययनों ने MIND डाइट को कम जोखिम से जोड़ा, पर 2023 में छपे तीन साल के एक रैंडमाइज़्ड ट्रायल में MIND डाइट वाले और कंट्रोल डाइट वाले लोगों के बीच सोचने-समझने के टेस्ट या ब्रेन स्कैन में कोई उल्लेखनीय फ़र्क़ नहीं मिला। दोनों समूह थोड़ा सुधरे और दोनों का वज़न एक जितना घटा।
MIND डाइट और भूमध्यसागरीय डाइट में क्या फ़र्क़ है?
भूमध्यसागरीय डाइट में सब्ज़ियों, फलों, साबुत अनाज, फलियों/दालों, मछली और ज़ैतून के तेल पर ज़ोर होता है, और लाल मांस या मिठाइयाँ कम। MIND डाइट इसे ब्लड प्रेशर के लिए बनी DASH डाइट के साथ मिलाती है और हरी पत्तेदार सब्ज़ियों और बेरियों पर ज़ोर जोड़ती है, जबकि लाल मांस, मिठाइयाँ, पनीर, मक्खन और तली चीज़ें सीमित रखती है।
क्या कुछ खाने या सप्लीमेंट अल्ज़ाइमर को रोकते हैं?
नहीं। National Institute on Aging कहता है कि इसका कोई सबूत नहीं है कि किसी ख़ास खाने को खाने या न खाने से अल्ज़ाइमर या उम्र से जुड़ी सोचने-समझने की गिरावट रोकी जा सकती है, और किसी विटामिन या सप्लीमेंट के अल्ज़ाइमर रोकने की बात साबित नहीं हुई है। सप्लीमेंट लेने से पहले डॉक्टर से बात करें।
डिमेंशिया वाले व्यक्ति के लिए कौन-से खाने खाना सबसे आसान होता है?
सैंडविच के टुकड़े, पनीर के टुकड़े, संतरे की फाँकें या उबली सब्ज़ियों के टुकड़े जैसे निवाले के आकार के हाथ से खाने लायक़ टुकड़े अक्सर चम्मच-काँटे इस्तेमाल करने से आसान होते हैं। अगर चबाना या निगलना मुश्किल हो, तो दलिया, मसला केला या दही जैसे मुलायम खाने मदद कर सकते हैं। अगर खाँसी या गला रुँधने की दिक़्क़त हो, तो डॉक्टर से निगलने के आकलन के बारे में पूछें।
स्रोत
यह पेज जिन संगठनों और अध्ययनों पर आधारित है, हम उनके लिंक देते हैं। पेज अपडेट करते समय हर स्रोत को जाँचा गया था।
- Trial of the MIND Diet for Prevention of Cognitive Decline in Older Persons · New England Journal of Medicine (via PMC)
- What Do We Know About Diet and Prevention of Alzheimer's Disease? · National Institute on Aging
- Preventing Alzheimer's Disease: What Do We Know? · National Institute on Aging
- Dementia prevention, intervention, and care: 2024 report of the Lancet standing Commission · The Lancet
- Food, Eating and Alzheimer's · Alzheimer's Association
- Tips for Caregivers: Helping People With Alzheimer's Disease Eat Well · National Institute on Aging
- Common Medical Problems in Alzheimer's Disease: Information for Caregivers · National Institute on Aging
- Appetite and dementia · Alzheimer's Society