छोटा जवाब
रोज़मर्रा की ज़िंदगी में रुकावट डालने वाली याददाश्त की कमी, जाने-पहचाने कामों में दिक़्क़त, समय या जगह को लेकर भ्रम, और मूड या समझदारी भरे फ़ैसलों में बदलाव डिमेंशिया के शुरुआती संकेत हो सकते हैं। थायरॉइड की समस्या, विटामिन B12 की कमी, दवाओं के दुष्प्रभाव, अवसाद और नींद की दिक़्क़तों समेत कई और स्थितियाँ भी ऐसे ही बदलाव ला सकती हैं। निदान सिर्फ़ योग्य चिकित्सक कर सकता है। अचानक भ्रम होने पर तुरंत इलाज चाहिए।
- उम्र के साथ कभी-कभार भूलना आम है; जो बदलाव रोज़मर्रा के कामों में रुकावट डालें, उनकी जाँच करवाना ठीक रहता है।
- Alzheimer's Association 10 चेतावनी संकेत बताती है, और हर संकेत के साथ तुलना के लिए उम्र से जुड़ा एक सामान्य बदलाव भी देती है।
- थायरॉइड की समस्या, विटामिन B12 की कमी, दवाओं के दुष्प्रभाव, अवसाद, संक्रमण और नींद की दिक़्क़तें, सब याददाश्त पर असर डाल सकती हैं, और इनमें से कुछ का इलाज हो सकता है।
- डिमेंशिया का निदान सिर्फ़ योग्य चिकित्सक कर सकता है; ऑनलाइन क्विज़ और ख़ुद करने वाले टेस्ट नहीं कर सकते।
- जो भ्रम अचानक, कुछ घंटों या दिनों में, शुरू हो वह डेलिरियम हो सकता है और उसके लिए तुरंत चिकित्सा मदद चाहिए।
इस पेज पर (7 हिस्से)
अपनी याददाश्त में, या किसी अपने की याददाश्त में, बदलाव दिखना डरावना हो सकता है। यह पेज आपको तय करने में मदद कर सकता है कि डॉक्टर से मिलने का समय कब लें और उसकी तैयारी कैसे करें। यह नहीं बता सकता कि किसी को डिमेंशिया है या नहीं। डिमेंशिया का निदान सिर्फ़ योग्य चिकित्सक कर सकता है, और याददाश्त की दिक़्क़त पैदा करने वाली कई स्थितियाँ डिमेंशिया बिल्कुल नहीं होतीं। कृपया ऑनलाइन क्विज़ या ख़ुद करने वाले टेस्ट पर भरोसा न करें।
डिमेंशिया के शुरुआती लक्षण क्या हैं?
Alzheimer’s Association 10 शुरुआती संकेत बताती है। वह हर संकेत के साथ तुलना के लिए उम्र से जुड़ा एक सामान्य बदलाव भी रखती है। हमारे अपने शब्दों में:
| जाँच करवाने लायक संकेत | उम्र के साथ ज़्यादा सामान्य बदलाव |
|---|---|
| रोज़मर्रा की ज़िंदगी में रुकावट डालने वाली याददाश्त की कमी, जैसे हाल की बातें भूल जाना या एक ही बात बार-बार पूछना | कभी किसी का नाम या अपॉइंटमेंट भूल जाना और बाद में याद आ जाना |
| योजना बनाने या समस्याएँ सुलझाने में दिक़्क़त, जैसे जानी-पहचानी रेसिपी पर चलना या बिलों का हिसाब रखना | घर के बिलों में कभी-कभार कोई ग़लती हो जाना |
| घर पर, काम पर या बाहर जाने-पहचाने कामों को पूरा करने में मुश्किल | कभी-कभी माइक्रोवेव की सेटिंग या टीवी कार्यक्रम रिकॉर्ड करने में मदद की ज़रूरत पड़ना |
| तारीख़ें, मौसम या यह भूल जाना कि आप कहाँ हैं | हफ़्ते का दिन ग़लत बताना और फिर अंदाज़ा लगाकर सही कर लेना |
| दूरी का अंदाज़ा लगाने, पढ़ने या रंगों में फ़र्क़ करने में नई दिक़्क़त | मोतियाबिंद की वजह से नज़र में बदलाव |
| शब्दों के साथ नई समस्याएँ, जैसे बातचीत के बीच में रुक जाना या चीज़ों को ग़लत नाम से पुकारना | कभी-कभी सही शब्द ढूँढने में मुश्किल होना |
| चीज़ों को अजीब जगहों पर रख देना और अपने क़दम याद करके उन्हें ढूँढ न पाना | कभी-कभार चीज़ें इधर-उधर रख देना और क़दम याद करके उन्हें ढूँढ लेना |
| कमज़ोर फ़ैसले, जैसे पैसों या अपनी साफ़-सफ़ाई को लेकर | कभी-कभार कोई ग़लत फ़ैसला ले लेना |
| शौक़, काम या सामाजिक गतिविधियों से दूर हो जाना | कभी-कभी परिवार या किसी सामाजिक आयोजन में जाने का मन न करना |
| मूड या स्वभाव में बदलाव, जैसे भ्रमित, शक्की, डरा हुआ या चिंतित हो जाना | काम करने के अपने तय तरीक़े होना और दिनचर्या बिगड़ने पर चिड़चिड़ा महसूस करना |
सिर्फ़ एक संकेत का मतलब डिमेंशिया नहीं होता। असल बात है उस व्यक्ति के सामान्य व्यवहार से बदलाव, ख़ासकर वह बदलाव जो रोज़मर्रा की ज़िंदगी मुश्किल कर दे।
सामान्य बुढ़ापे और डिमेंशिया में क्या फ़र्क़ है?
National Institute on Aging (NIA) कहता है कि कई बुज़ुर्ग देखते हैं कि बातें याद आने में उन्हें देर लगती है, या वे कभी चीज़ें इधर-उधर रख देते हैं या कोई बिल भूल जाते हैं। ये आमतौर पर हल्के भूलने के संकेत होते हैं। डिमेंशिया बुढ़ापे का सामान्य हिस्सा नहीं है। गंभीर याददाश्त की दिक़्क़तें रोज़ के कामों को मुश्किल बना देती हैं, जैसे गाड़ी चलाना, फ़ोन इस्तेमाल करना या घर का रास्ता ढूँढना।
NIA सुझाव देता है कि अगर कोई व्यक्ति ये करे तो डॉक्टर से बात करें:
- बार-बार वही सवाल पूछता है
- उन जगहों पर खो जाता है जिन्हें वह पहले अच्छी तरह जानता था
- रेसिपी या दिशा-निर्देश समझने में दिक़्क़त महसूस करता है
- समय, लोगों और जगहों को लेकर ज़्यादा उलझन में रहने लगा है
- अपना ध्यान रखना छोड़ देता है, जैसे ठीक से न खाना, न नहाना या असुरक्षित व्यवहार करना
कुछ लोगों को माइल्ड कॉग्निटिव इम्पेयरमेंट (MCI), यानी हल्की संज्ञानात्मक दिक़्क़त, होती है। इसका मतलब है अपनी उम्र के दूसरे लोगों की तुलना में याददाश्त या सोचने-समझने की ज़्यादा दिक़्क़तें, जबकि रोज़ का जीवन फिर भी संभला रहता है। NIA के अनुसार MCI अल्ज़ाइमर का शुरुआती संकेत हो सकता है, पर MCI वाले हर व्यक्ति को अल्ज़ाइमर नहीं होता।
याददाश्त की दिक़्क़त के और क्या कारण हो सकते हैं?
डिमेंशिया के अलावा कई चीज़ें याददाश्त पर असर डाल सकती हैं, और कुछ इलाज से बेहतर हो जाती हैं। NIA ये गिनाता है:
- थायरॉइड, गुर्दे या लिवर की समस्याएँ
- दवाओं के दुष्प्रभाव
- अवसाद और चिंता
- विटामिन B12 की कमी, या सेहतमंद खाना पर्याप्त न खाना
- नींद की दिक़्क़तें
- शराब या नशीली दवाओं का दुरुपयोग
- दिमाग़ में संक्रमण, ख़ून के थक्के या ट्यूमर
- सिर की चोट, जैसे कंकशन
- बड़ा तनाव या शोक, जैसे रिटायर होना या जीवनसाथी को खो देना
सुनने और देखने की दिक़्क़तें भी भ्रम समझ ली जा सकती हैं; हमारी सुनने की क्षमता पर गाइड देखें। इसीलिए डॉक्टरी जाँच मायने रखती है। Alzheimer’s Association के अनुसार डॉक्टर अक्सर थायरॉइड की समस्या, विटामिन की कमी और संक्रमण की जाँच के लिए ख़ून की जाँच करवाते हैं। अच्छी नींद और अवसाद का इलाज भी डॉक्टर से चर्चा के लायक़ हैं।
अचानक भ्रम आपात स्थिति है
जो भ्रम तेज़ी से, घंटों या दिनों में, आ जाए उसके लिए तुरंत चिकित्सा देखभाल चाहिए। यह डेलिरियम हो सकता है। VA डेलिरियम को चिकित्सकीय आपात स्थिति बताता है और सलाह देता है कि व्यक्ति के हेल्थ केयर प्रदाता को तुरंत फ़ोन करें या 911 पर कॉल करें (भारत में 112)। इसके संकेतों में शामिल हैं:
- साफ़ सोचने की क्षमता का घटना-बढ़ना
- ध्यान लगाने में दिक़्क़त
- बिखरी हुई सोच
- असामान्य रूप से ज़्यादा नींद, या असामान्य रूप से बेचैनी और उत्तेजना
यह किसी को भी हो सकता है, उन लोगों को भी जो पहले से डिमेंशिया के साथ जी रहे हैं। NHS (ब्रिटेन की राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा) के अनुसार आम कारणों में संक्रमण (पेशाब का संक्रमण बुज़ुर्गों और डिमेंशिया के साथ जी रहे लोगों में आम है), स्ट्रोक, डायबिटीज़ वालों में ख़ून में शुगर का कम होना, सिर की चोट और कुछ दवाएँ शामिल हैं। मदद आने तक व्यक्ति के साथ रहें और छोटे, सरल शब्दों में उन्हें तसल्ली दें। बहुत सारे सवाल न पूछें, और वे जो दवाएँ लेते हैं उन्हें नोट कर लें।
डॉक्टर के अपॉइंटमेंट की तैयारी कैसे करूँ?
अच्छा अपॉइंटमेंट अच्छे नोट्स से शुरू होता है। Alzheimer’s Association साथ ले जाने का सुझाव देती है:
- बदलावों की सूची: याददाश्त, मूड और व्यवहार में, ठोस उदाहरणों और मोटे तौर पर शुरुआत के समय के साथ
- पहले और अभी की सेहत की समस्याएँ, परिवार में याददाश्त की दिक़्क़तों का इतिहास हो तो वह भी
- सभी डॉक्टरी पर्चे की और बिना पर्चे वाली दवाएँ
- कोई भी विटामिन या सप्लीमेंट
- आपके सवाल, जैसे कौन-से टेस्ट होंगे, उनमें कितना समय लगेगा और नतीजे कब आएँगे
किसी परिवार के सदस्य या दोस्त को साथ ले जाना भी मददगार होता है, जो उस व्यक्ति को अच्छी तरह जानता हो। NIA समझाता है कि डॉक्टर व्यक्ति और परिवार के किसी सदस्य, दोनों से सेहत, दवाओं, रोज़ की गतिविधियों और व्यवहार में बदलाव के बारे में पूछ सकते हैं। डॉक्टर ये भी कर सकते हैं:
- याददाश्त, समस्या सुलझाने, ध्यान, गिनती और भाषा के टेस्ट लेना
- दूसरे कारण खोजने के लिए ख़ून, पेशाब और अन्य जाँचें करवाना
- अवसाद या मानसिक सेहत की अन्य स्थितियों की जाँच करना
- CT या MRI जैसे ब्रेन स्कैन करवाना
- किसी विशेषज्ञ के पास भेजना, जैसे बुज़ुर्गों के डॉक्टर (जेरियाट्रिशियन), न्यूरोलॉजिस्ट, बुज़ुर्गों के मनोचिकित्सक या न्यूरोसाइकोलॉजिस्ट
NIA बताता है कि अमेरिका में Medicare (वहाँ की सरकारी स्वास्थ्य बीमा योजना) की सालाना वेलनेस विज़िट (Annual Wellness Visit) में संज्ञानात्मक आकलन एक ज़रूरी हिस्सा है, जो चिंता उठाने का स्वाभाविक मौक़ा हो सकता है। आपके यहाँ नियमित स्वास्थ्य जाँच भी ऐसा मौक़ा हो सकती है। डॉक्टरों के इस्तेमाल किए जाने वाले छोटे टेस्ट भी अकेले डिमेंशिया का निदान करने के लिए काफ़ी नहीं होते। वे पूरी जाँच की तरफ़ पहला क़दम हैं, और निदान में एक से ज़्यादा बार डॉक्टर के पास जाना पड़ सकता है। NIA सलाह देता है कि याददाश्त की दिक़्क़त वाले लोग हर 6 से 12 महीने में डॉक्टर के पास लौटें।
बात को नरमी से उठाना
अगर आप किसी और को लेकर चिंतित हैं, तो कोई शांत, निजी पल चुनें। जो ख़ास बातें आपने देखी हैं उनके बारे में बात करें, आलोचना की तरह नहीं बल्कि उनकी सेहत की फ़िक्र की तरह। सामान्य चेक-अप का सुझाव कम डरावना लग सकता है। फ़ैसलों में व्यक्ति को शामिल करें और उनसे उसी तरह बात करें जैसे एक वयस्क से की जाती है। हमारे बातचीत के सुझाव मदद कर सकते हैं।
डॉक्टर से बात करें
अगर आपको याददाश्त, सोचने-समझने, मूड या रोज़ की क्षमताओं में ऐसे बदलाव दिखें जो नए हैं और बार-बार हो रहे हैं, तो किसी सामान्य (पारिवारिक) डॉक्टर से अपॉइंटमेंट लें। अचानक भ्रम होने पर तुरंत 911 पर या व्यक्ति के हेल्थ केयर प्रदाता को फ़ोन करें (भारत में आपातकालीन नंबर 112)। जल्दी जाँच करवाने का मतलब है कि इलाज योग्य कारण पकड़े जा सकते हैं और, अगर यह डिमेंशिया है, तो योजना बनाने और सहारा ढूँढने के लिए ज़्यादा समय मिलता है। इस दौर में अपना भी ख़्याल रखें; हमारी देखभाल करने वालों के लिए ख़ुद की देखभाल की गाइड देखें।
यह पेज सामान्य जानकारी है, चिकित्सा सलाह नहीं। हमारा चिकित्सकीय अस्वीकरण देखें।
आम सवाल
क्या भूलना बुढ़ापे का सामान्य हिस्सा है?
कुछ हद तक, हाँ। National Institute on Aging (अमेरिका का बुज़ुर्गों की सेहत पर शोध करने वाला संस्थान) के अनुसार कभी-कभार कोई चीज़ रखकर भूल जाना या कोई बिल भूल जाना आमतौर पर उम्र से जुड़ी हल्की भूलने की आदत है। डिमेंशिया बुढ़ापे का सामान्य हिस्सा नहीं है। याददाश्त की जो दिक़्क़तें गाड़ी चलाने, फ़ोन इस्तेमाल करने या घर का रास्ता ढूँढने जैसे रोज़ के काम मुश्किल कर दें, उनके बारे में डॉक्टर से जाँच करवाना ठीक रहता है।
क्या याददाश्त की दिक़्क़तें डिमेंशिया के अलावा किसी और वजह से भी हो सकती हैं?
हाँ। National Institute on Aging अन्य कारणों के साथ थायरॉइड, गुर्दे या लिवर की समस्याएँ, दवाओं के दुष्प्रभाव, अवसाद और चिंता, विटामिन B12 की कमी, शराब का दुरुपयोग, नींद की दिक़्क़तें, संक्रमण और सिर की चोटें गिनाता है। इनमें से कुछ का इलाज होने पर हालत सुधर जाती है, और यही एक वजह है कि डॉक्टरी जाँच मायने रखती है।
क्या मैं घर पर किसी की डिमेंशिया की जाँच कर सकता हूँ?
नहीं। डिमेंशिया का निदान सिर्फ़ योग्य चिकित्सक कर सकता है, जो मेडिकल इतिहास, शारीरिक जाँच, याददाश्त और सोचने-समझने के टेस्ट, लैब टेस्ट और कभी-कभी ब्रेन स्कैन की मदद लेता है। डॉक्टरों के इस्तेमाल किए जाने वाले छोटे टेस्ट भी अकेले डिमेंशिया का निदान करने के लिए काफ़ी नहीं होते।
अगर कोई अचानक भ्रमित हो जाए तो मुझे क्या करना चाहिए?
तुरंत चिकित्सा मदद लें। अचानक आया भ्रम डेलिरियम हो सकता है, जिसे अमेरिका का U.S. Department of Veterans Affairs (VA) चिकित्सकीय आपात स्थिति बताता है। व्यक्ति के डॉक्टर को फ़ौरन फ़ोन करें या अपने आपातकालीन नंबर पर कॉल करें (भारत में 112, अमेरिका में 911), उनके साथ रहें, और वे जो दवाएँ लेते हैं उन्हें नोट कर लें।
स्रोत
यह पेज जिन संगठनों और अध्ययनों पर आधारित है, हम उनके लिंक देते हैं। पेज अपडेट करते समय हर स्रोत को जाँचा गया था।
- 10 Early Signs and Symptoms of Alzheimer's and Dementia · Alzheimer's Association
- Memory Problems, Forgetfulness, and Aging · National Institute on Aging
- How Is Alzheimer's Disease Diagnosed? · National Institute on Aging
- Visiting Your Doctor for Memory Loss · Alzheimer's Association
- Assessing Cognitive Impairment in Older Patients · National Institute on Aging
- When should I worry about Delirium? · U.S. Department of Veterans Affairs
- Sudden confusion (delirium) · NHS